भगवान समय समय पर अपनी उपस्थिति का अहसास करवाते रहते हैं. हमें बचपन बताया गया कि त्रेता युग में भगवान राम के नाम का पत्थर समुद्र में तैरता था. कई बार हम लोगों को ये दादी-नानी की कहानी लगती है, लेकिन कानपुर में गंगा नदी की धारा में लोगों ने तैरते हुए पत्थर को जब देखा तो उन कथाओ पर भरोसा हो गया.

loading...