किसी समय कोहिनूर हीरा भारत की शान हुआ करता था परंतु अब यह ब्रिटिश राजघराने की शान है और न जाने कितने वर्षों बीत गए भारत की किसी भी सरकार ने इसे वापस लाने का कोई भी प्रयास नहीं किया लेकिन अब मोदी सरकार पूरी तरह निश्चय कर चुकी है की भारत की इस गरिमा को वापस लाएगी। सरकार इसे वापस लाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। अभी कुछ दिन पूर्व हुई एक मीटिंग में ये फैसला लिया गया है कि कोहिनूर हीरे को वापस लाने के लिए भारत जल्द ही ब्रिटेन से संपर्क कर सकता है।

इस बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और संस्कृति मंत्री महेश शर्मा, कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्हा और अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस मुद्दे पर अगले महीने ब्रिटेन से संपर्क किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार बैठक में ब्रिटेन के साथ एक संधि करने की संभावना पर भी चर्चा की गई। इस संधि के दौरान ब्रिटेन को यह आश्वासन दिया जा सकता है कि भारत कोहिनूर को छोड़कर किसी अन्य प्राचीन कलाकृति पर दावा नहीं करेगा, जो उस देश के संग्रहालयों में हैं।

सुप्रीम कोर्ट कोहिनूर को वापस लाने के मुद्दे से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा है। बैठक में शीर्ष अदालत के सामने अपनाए जाने वाले रुख पर भी चर्चा की गई। अदालत ने सरकार से पूछा था कि क्या वह कोहिनूर पर दावा करने की इच्छुक है।

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