भारत के ग्लाइड बम से क्यों सदमे में हे पाकिस्तान

भारत ने पहली बार स्वनिर्मित ग्लाइड बम का पोखरण में सफल परीक्षण किया। गरुड़ और गरुथमा नाम के ग्लाइड बम को इंडियन एयर फोर्स के फाइटर जेट सुखोई से दागा गया। गरुथमा की रेंज 100 किमी है। इन्हें साल के आखिर में एयरफोर्स में शामिल किया जाएगा। भारतीय फौज में इसके शामिल होते ही पाकिस्तान का 100 किलोमीटर का इलाका इनकी जद में होगा।

हालांकि यह तकनीकि काफी पुरानी है। भारत में इसे डीआरडीओ की पुणे और हैदराबाद की लैब में तैयार किया है। पिछले साल उड़ीसा के चांदीपुर रेंज में समुद्र के अंदर इनका टेस्ट किया गया था। एक हजार किलोग्राम वजनी गरुथमा ग्लाइड बम ने सौ किलोमीटर दूर के टॉरगेट को अपना निशाना बनाया।

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