उरी हमले पर दुनिया भर के समर्थन से डरा चीन, बोला पाक को ‘समझाना’ पड़ेगा

उरी हमले के बाद जैसे-जैसे दुनिया के देशो की भारत के प्रति सहानुभूति और पाकिस्तान के लिए नाराज़गी से भरी प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं उससे पाकिस्तान से ज्यादा चीन घबराया हुआ है। रूस, अमेरिका, जापान, इजराइल के बाद फ्रांस, कनाडा, अफगानिस्तान और खुद यूनाईटेड नेशंस ने भी पाकिस्तान पर भ्रकुटि तान ली हैं।

दुनिया में भर में भारत का पक्ष मजबूत होने से चीन को डर लगने लगा है कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत आक्रामक रुख अपना सकता है। जिससे उसके 46 बिलियन डॉलर के सीपेक प्रोजेक्ट पर पानी फिर जायेगा। इन्हीं सब बातों से खौफ खाये चीन ने पाकिस्तान संकेत दिये हैं कि वो भारत में आतंकी हमला करने वालों पर लगाम लगाए।

चीन के विदेश मंत्रालय संबद्ध चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कॉनटम्पोरेरी इंटरनेशनल रिलेशंस के डायरेक्टर हु शीशेंग ने कहा कि उरी हमले की कठोर तरीके से भर्त्सना करनी चाहिए। उन्होंने कहा, चीन को अगर अपना बहुआयामी सीपेक प्रोजेक्ट बचाना है तो इस मुद्दे पर पाकिस्तान से बात करनी ही होगी। हु ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में लगातार बढ़ रहे आतंकी हमलों पर चीन अपनी चिंता से पाक को अवगत करायेगा।

उन्होंने कहा भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की लाहौर यात्रा से क्षेत्र में शांति और सद्भाव की उम्मीद जगी थीं. लेकिन पठानकोट हमले ने मोदी के प्रयास को बर्बाद कर दिया।
इसके बाद रही-सही कसर उरी के हमले ने निकाल दी है। हु ने कहा, उरी हमले का असर सार्क शिखऱ सम्मेलन और उससे पहले गोवा में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन पर भी पड़ सकता है।

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