जिनेवा स्थित यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन या सीईआरएन का एक भयावह वीडियो सामने आया है। हालांकि संगठन ने वीडियो की सच्चाई की पुष्टि की है, जिसे अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र में रिकार्ड किया गया है लेकिन साथ ही इसे काल्पनिक चित्रण भी करार दिया। इस वीडियो से कई वैज्ञानिक सकते में हैं, खासकर भारत के। ऐसा इसलिए क्योंकि ‘मानवीय बलिदान’ को भगवान शिव की विशाल प्रतिमा की पृष्ठिभूमि में किया गया है जो नटराज के रूप में ‘तांडव’ कर रहे हैं। मामले से जुड़ी सच्चाई का पता लगाने के लिए सर्न (सीआईआरएन) ने एक आंतरिक जांच शुरू किया है।

ज्ञात हो कि भारत सरकार ने जिनेवा स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र को करीब एक दशक पहले पांच मीटर उंची प्रतिमा भेंट की था। वैज्ञानिकों के अप्रासंगिक कृत्यों का जो वीडियो सामने आया है, वह सिर्फ सीईआरएन की कहानी नहीं कहता है बल्कि कई देशों में ऐसा आम तौर पर होता है।

loading...